अधिवक्ता विनीत जिंदल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल देश की न्यायिक प्रणाली पर लांछन लगा रहे है। उन्होंने भारतीय न्यायपालिका का अनादर किया है।

नई दिल्ली, एएनआइ। अधिवक्ता विनीत जिंदल ने अटार्नी जनरल (एजी) केके वेणुगोपाल को एक पत्र लिखकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने भारतीय न्यायपालिका के खिलाफ और उसकी गरिमा धूमिल करने वाली टिप्पणियां की हैं।

विनीत जिंदल ने पत्र में राहुल गांधी के हालिया साक्षात्कार का हवाला भी दिया है जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था, ‘इस देश में एक कानूनी तंत्र है जिसमें हर किसी को अपनी आवाज उठाने की 100 फीसद आजादी है। यह बिल्कुल साफ है कि भाजपा इन सभी संस्थाओं या व्यवस्थाओं में अपने लोगों को बैठा रही है। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि वे इस देश के संस्थागत ढांचे को छीन रहे हैं।’

राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की मांग, पढ़ें- कांग्रेस नेता पर क्या लगा है आरोप

Publish Date:Fri, 05 Mar 2021 10:42 AM (IST)Author: Nitin Arora

अधिवक्ता विनीत जिंदल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल देश की न्यायिक प्रणाली पर लांछन लगा रहे है। उन्होंने भारतीय न्यायपालिका का अनादर किया है।

नई दिल्ली, एएनआइ। अधिवक्ता विनीत जिंदल ने अटार्नी जनरल (एजी) केके वेणुगोपाल को एक पत्र लिखकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने भारतीय न्यायपालिका के खिलाफ और उसकी गरिमा धूमिल करने वाली टिप्पणियां की हैं।

विनीत जिंदल ने पत्र में राहुल गांधी के हालिया साक्षात्कार का हवाला भी दिया है जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा था, ‘इस देश में एक कानूनी तंत्र है जिसमें हर किसी को अपनी आवाज उठाने की 100 फीसद आजादी है। यह बिल्कुल साफ है कि भाजपा इन सभी संस्थाओं या व्यवस्थाओं में अपने लोगों को बैठा रही है। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि वे इस देश के संस्थागत ढांचे को छीन रहे हैं।’Ads by Jagran.TV

जिंदल ने अपने पत्र में लिखा, ‘एक लोकतंत्र को न्यायपालिका की जरूरत होती है जो स्वतंत्र हो, एक प्रेस जो आजाद हो, एक विधायिका जो अपने कार्यो में स्वतंत्र हो।’ उन्होंने आगे कहा कि राहुल देश की न्यायिक प्रणाली पर लांछन लगा रहे है। उन्होंने भारतीय न्यायपालिका का अनादर किया है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी के मामले में शीर्ष अदालत ने भविष्य में सतर्क रहने की चेतावनी देकर उनके खिलाफ अवमानना मामला बंद कर दिया था।

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