Jal Shakti Abhiyan on World Water Day देश में वर्षा के पानी के संरक्षण हेतु आज से एक मुहिम की शुरुआत हो रही है जो 30 नवंबर तक जारी रहेगा। इसमें पूरा मानसून का मौसम कवर हो जाएगा।

 नई दिल्ली, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (Prime Minister Narendra Modi) सोमवार को विश्व जल दिवस (World Water Day) के मौके पर ‘जल शक्ति अभियान’ की शुरुआत की। इसके साथ ही कर्नाटक के बीदर, राजस्थान के बूंदी व उत्तराखंड के टिहरी पंचायतों  से वहां  की जल समस्याओं व इससे निपटने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ऐसे अभियान की शुरुआत हो रही है जिससे भारत में जल संकट का समाधान हो। अटल जी ने दोनों राज्यों उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश के हित में जो सपना देखा था उसे साकार करने के लिए आज बहुत बड़ा काम हुआ है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केन-बेतवा लिंक परियोजना से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।

देश के सभी शहरी व ग्रामीण इलाकों में शुरू होने वाले इस अभियान का थीम ‘catch the rain, where it falls, when it falls’ है। इसके तहत वर्षा के पानी को बचाने का लक्ष्य है। यह अभियान 22 मार्च से 30 नवंबर तक चलेगा जो देश में मानसून शुरू होने से पहले और पूरा मानसून का मौसम कवर करेगा। इस मुहिम की शुरुआत जन आंदोलन के तौर पर की जाएगी ताकि जमीनी स्तर पर लोग इसमें शामिल हो पानी बचा सकें। इसके लिए प्रधानमंत्री ने रविवार को ट्वीट कर जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा, ‘कल विश्व जल दिवस के मौके पर केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के लिए ऐतिहासिक MoA पर हस्ताक्षर किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से बुदेलखंड के लोगों को सहायता मिलेगी। 

केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस सपने को साकार करेगी जिसमें नदियों में आने वाले अतिरिक्त पानी को ‘नदी जोड़ो प्रोजेक्ट’ के तहत सूखे या कम पानी वाले इलाकों में पहुंचाया जाना था। यह प्रोजेक्ट जल संकट की परेशानी झेल रहे बुंदेलखंड के लिए किसी उपहार जैसा है। इस प्रोजेक्ट से सबसे अधिक फायदा उन क्षेत्रों को मिलेगा जहां पानी की कमी से जनजीवन प्रभावित है। ये क्षेत्र हैं मध्यप्रदेश का  बुंदेलखंड (Bundelkhand), पन्ना (Panna), टिकमगढ़ (Tikamgarh), छतरपुर (Chhatarpur), सागर (Sagar), दामोह (Damoh), दतिया (Datia), विदिशा (Vidisha), शिवपुरी (Shivpuri) और रायसेन (Raisen) वहीं उत्तर प्रदेश का बांदा (Banda), महोबा (Mahoba), झांसी (Jhansi), ललितपुर (Lalitpur))। 

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