बीएमसी ने पिछले साल अक्टूबर में सोनू सूद को नोटिस जारी किया था। बीएमसी ने आरोप लगाया था कि सूद ने छह मंजिला रिहायशी इमारत में बदलाव कर उसे होटल में तब्दील कर दिया।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता सोनू सूद की उस अपील और अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने जुहू स्थित अपनी आवासीय इमारत में कथित अवैध निर्माण को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के नोटिस को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि अदालत अपील और याचिका को खारिज कर रही है। 

सोनू सूद के वकील अमोघ सिंह ने बीएमसी द्वारा जारी नोटिस का पालन करने के लिए 10 सप्ताह का समय मांगा था और अदालत से अनुरोध किया था कि वह नगर निकाय को इमारत ढहाने का कदम नहीं उठाने का निर्देश दे। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि अभिनेता के पास ऐसा करने का पहले पर्याप्त समय था।

बीएमसी ने पिछले साल अक्टूबर में सोनू सूद को नोटिस जारी किया था। उस नोटिस को सूद ने दिसंबर 2020 में दीवानी अदालत में चुनौती दी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। 

बीएमसी ने अपने नोटिस में आरोप लगाया था कि सूद ने छह मंजिला ‘शक्ति सागर’ रिहायशी इमारत में ढांचागत बदलाव कर उसे वाणिज्यिक होटल में तब्दील कर दिया।

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